दिवाली पर पटाखे फोड़ने से पहले सावधान! झारखंड में तय हुई टाइमिंग, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

झारखंड राज्य में आगामी त्योहारों के सीजन के मद्देनजर पटाखे जलाने और उनकी बिक्री को लेकर नए एवं कड़े नियम जारी कर दिए गए हैं। बढ़ते वायु और ध्वनि प्रदूषण पर लगाम कसने के उद्देश्य से झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने दीवाली पर पटाखे चलाने के लिए समय-सीमा तय कर दी है। इसके तहत दीवाली के दिन केवल रात 8 बजे से 10 बजे के बीच ही पटाखे फोड़ने की अनुमति होगी। पर्षद ने स्पष्ट किया है कि तय किए गए नियमों और समय-सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वायु गुणवत्ता (Air Quality) के आधार पर ही होगी पटाखों की बिक्री
प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, राज्य के शहरी क्षेत्रों में केवल उन्हीं जगहों पर पटाखों की बिक्री की इजाजत दी जाएगी, जहां की वायु गुणवत्ता (AQI) ‘अच्छी’ या ‘संतोषजनक’ श्रेणी के अंतर्गत आती है। मानकों के मुताबिक, अच्छी वायु गुणवत्ता के लिए एक्यूआई का स्तर 1 से 50 और संतोषजनक श्रेणी के लिए 51 से 100 तक निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, सभी जिलों के शहरी इलाकों में केवल वही पटाखे बेचे जा सकेंगे जिनकी ध्वनि क्षमता 125 डेसिबल (dB) से कम होगी।

दिवाली से लेकर छठ तक, पटाखे चलाने का यह रहेगा निर्धारित समय
झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने विभिन्न प्रमुख पर्वों और अवसरों के मद्देनजर पटाखे चलाने के लिए अलग-अलग समय-स्लाट तय किए हैं:
- दीवाली और गुरु पर्व: रात 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक (केवल 2 घंटे)।
- छठ पर्व: सुबह 6:00 बजे से सुबह 8:00 बजे तक (केवल 2 घंटे)।
- क्रिसमस और नववर्ष (New Year): रात 11:55 बजे से मध्यरात्रि 12:30 बजे तक।
सुप्र्रीम कोर्ट और एनजीटी (NGT) के निर्देशों के तहत जारी हुआ आदेश
पर्षद की ओर से यह महत्वपूर्ण आदेश सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए जारी किया गया है। इस कदम के लिए वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(ए) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना है।

नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि तय किए गए नियमों की अवहेलना करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसा करने वाले लोगों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), वायु प्रदूषण निवारण अधिनियम की धारा 37, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 और अन्य सुसंगत कानूनों के तहत सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पर्षद के सदस्य सचिव राजीव लोचन बक्शी द्वारा जारी इस आदेश में सभी नागरिकों से त्योहारों के दौरान निर्धारित समय-सीमा और पर्यावरण नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करने की अपील की गई है।
