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November 2, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

झारखंड में महिलाओं और बच्चों को अगले माह से मिलेगा टेक इन होम राशन

झारखंड की गर्भवती महिलाओं, नवजात बच्चों की माताओं (धात्री माताओं) और छोटे बच्चों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। पिछले चार महीनों से थमा हुआ आंगनबाड़ी केंद्रों का ‘टेक होम राशन’ (THR) वितरण अगले महीने से दोबारा प्रारंभ होने जा रहा है। सरकार के इस कदम से राज्य के 14 लाख से ज्यादा जरूरतमंद लाभार्थियों को फिर से पौष्टिक आहार की सुविधा मिलने लगेगी।

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के इस कल्याणकारी प्रस्ताव को वित्त विभाग ने अपनी हरी झंडी दे दी है। अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष पेश किया जाएगा। ज्ञात हो कि नई वितरण एजेंसी का चयन न हो पाने के कारण बीते अप्रैल महीने से पूरे राज्य में पोषण आहार का वितरण ठप पड़ा था। इस वजह से करीब 14 लाख से अधिक लाभार्थी, जिनमें गर्भवती महिलाएं, शिशु की माताएं और 6 महीने से लेकर 3 वर्ष तक के मासूम बच्चे शामिल हैं, आवश्यक पोषाहार से वंचित चल रहे थे।

वित्तीय मंजूरी के बाद पोषाहार वितरण फिर होगा शुरू

विभाग ने इस आवश्यक योजना को फिर से पटरी पर लाने के लिए वित्त विभाग से जरूरी वित्तीय अनुमति हासिल कर ली है। ‘टेक होम राशन’ व्यवस्था के अंतर्गत लाभार्थियों को घर ले जाने के लिए खास तौर पर तैयार पौष्टिक भोजन सामग्री दी जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और छोटे बच्चों को कुपोषण से बचाना और उन्हें जरूरी पोषण तत्व प्रदान करना है।

वित्त विभाग ने शर्त के साथ दी स्वीकृति

वित्त विभाग ने राशन सप्लाई करने वाली पुरानी एजेंसियों के कार्यकाल को आगे बढ़ाने की मंजूरी कुछ शर्तों के साथ दी है। वित्त विभाग ने संबंधित मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह आगामी 6 महीनों के भीतर नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से पूरा करे। इसके लिए विभाग की ओर से जल्द ही नया टेंडर (निविदा) आमंत्रित किया जाएगा।

पोषाहार में क्या मिलता है?

निर्धारित पोषण मानकों के अनुसार, लाभार्थियों को सूखा राशन अथवा रेडी-टू-कुक (तुरंत पकाने योग्य) खाद्य मिश्रण उपलब्ध कराया जाता है। इन पैकेटों में मुख्य रूप से दाल, सोयाबीन और मूंगफली से तैयार किए गए उच्च प्रोटीन युक्त सूखे खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं।

क्या है टेक होम राशन?

यह समेकित बाल विकास सेवा (ICDS) के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरित किया जाने वाला एक विशेष पोषाहार कार्यक्रम है। इसके तहत लाभार्थियों को राशन घर ले जाने के लिए दिया जाता है। यह मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और 6 माह से 3 साल तक के बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि शिशु और मातृ मृत्यु दर के साथ-साथ कुपोषण के स्तर को भी कम किया जा सके।

इन्हें मिला अवधि विस्तार

राज्य में राशन की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कुल तीन प्रमुख एजेंसियों को काम सौंपा गया है। इन तीनों कंपनियों को राज्य के 8-8 जिलों में वितरण का प्रभार दिया गया है। इन एजेंसियों के नाम निम्नलिखित हैं:

  1. आदित्य फ्लोर लिमिटेड
  2. कोटा दाल मिल
  3. इंटर लिंक्स फूड्स प्राइवेट लिमिटेड

क्यों बंद था वितरण?

पोषाहार वितरण का जिम्मा संभाल रही पुरानी एजेंसियों का कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो गया था। समय रहते नई एजेंसियों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी और न ही पुरानी कंपनियों के कार्य विस्तार को समय पर मंजूरी मिली थी, जिसके कारण अप्रैल से यह पूरी वितरण प्रणाली रुकी हुई थी।

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