लातेहार पुलिस ने बरामद किया हथियारों का जखीरा, रविंद्र गंझू की निशानदेही पर हासिल की सफलता

झारखंड के लातेहार जिले में सुरक्षाबलों को उग्रवाद के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। लातेहार जिला पुलिस और सीआरपीएफ कोबरा 209 बटालियन ने एक संयुक्त कार्रवाई ‘स्पेशल ओप्स क्रांति’ चलाकर भाकपा माओवादी संगठन के बेहद सक्रिय और वांछित रीजनल कमेटी सदस्य रविंद्र गंझू उर्फ मुकेश गंझू उर्फ सुरेंद्र गंझू को धर दबोचा। झारखंड सरकार ने इस खूंखार उग्रवादी पर 20 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसकी निशानदेही पर भारी मात्रा में अत्याधुनिक असलहे और कारतूस बरामद किए गए।
30 सालों से संगठन में था सक्रिय
लातेहार के एसडीपीओ संदीप कुमार गुप्ता ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में इस पूरे ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 43 वर्षीय रविंद्र गंझू (पिता- रामब्रत गंझू, निवासी- हेसला, बांझी टोला, चंदवा) बीते लगभग 30 वर्षों से माओवादी संगठन में रहकर सक्रिय भूमिका निभा रहा था। वह सुरक्षा बलों के साथ हुई कई बड़ी और हिंसक मुठभेड़ों में सीधे तौर पर शामिल रहा है। इस वांछित उग्रवादी का खौफ तीन जिलों में बना हुआ था, जिसके विरुद्ध लोहरदगा में 87, लातेहार में 41 और गुमला में 27 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
‘स्पेशल ओप्स क्रांति’ के तहत रिमांड पर हुई हथियारों की बड़ी बरामदगी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सटीक गुप्त सूचना के आधार पर चंदवा थाना क्षेत्र के बांझी टोला से इसे गिरफ्तार किया गया था। अदालत से पुलिस रिमांड मिलने के बाद जब उससे गहन पूछताछ की गई, तो उसने कई नक्सली वारदातों में अपनी संलिप्तता कबूल की। उसकी निशानदेही पर सुरक्षाबलों ने सघन तलाशी अभियान चलाकर निम्नलिखित हथियार और सामान जब्त किए:
- AK-56 राइफल: 01 पीस
- AK-56 मैगजीन: 02 पीस
- जिंदा कारतूस: 90 चक्र
- पाउच: 01 पीस (काले रंग का)
इस सफल और बड़े छापेमारी दल में एसडीपीओ संदीप कुमार गुप्ता के साथ बेतर ओपी प्रभारी रितेश कुमार राव, बारेसाढ़ थाना प्रभारी शशि कुमार, अजीत कुमार, रितेश तिग्गा और कोबरा व जिला पुलिस के कई जवान शामिल थे। इस गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी को लातेहार तथा आसपास के क्षेत्रों में माओवादी संगठन के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
