Categories

November 3, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

झारखंड की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और उनके निजी सचिव (PS) रहे संजीव लाल को सर्वोच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। मनी लॉन्ड्रिंग और टेंडर कमीशन से जुड़े मामले में जेल में बंद दोनों आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट ने नियमित जमानत दे दी है।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा प्रकरण प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस छापेमारी से शुरू हुआ था, जिसने पूरे देश का ध्यान खींचा था। मई 2024 में ईडी ने संजीव लाल और उनके घरेलू सहायक जहांगीर आलम के ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें लगभग 32 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद हुई थी। ईडी का आरोप था कि यह पैसा टेंडर आवंटित करने के बदले ली गई कमीशन राशि का हिस्सा था। इसी जांच की आंच तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम तक पहुँची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

जमानत के पीछे की वजह

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि मामले की जांच काफी समय से चल रही है और आरोपी लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और तथ्यों को देखते हुए सशर्त जमानत देने का फैसला सुनाया। हालांकि, जमानत मिलने के बावजूद उन्हें जांच में सहयोग करना होगा और बिना अनुमति के वे देश से बाहर नहीं जा सकेंगे।

झारखंड की राजनीति पर असर

विधानसभा चुनाव के बाद और राज्य में नई सरकार के गठन के बीच आलमगीर आलम को जमानत मिलना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद उनकी रिहाई से उनके समर्थकों में खुशी की लहर है। हालांकि, बीजेपी सहित विपक्षी दलों ने इस मामले को भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बताते हुए सरकार को घेरना जारी रखा है। अब देखना यह होगा कि जेल से बाहर आने के बाद आलमगीर आलम की सियासी पारी किस ओर मुड़ती है।

About Author

Leave a Reply