Categories

November 3, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

भोजन की तलाश में जान जोखिम में डालकर इनदिनों रेलवे ट्रैक से गुजर रहे है गजराज…….

SERAIKELLA : सरायकेला-खरसांवा जिला के गुंडा बिहार रेलवे स्टेशन में हाथियों का झुंड रेलवे ट्रैक पर देखा गया है, जिसमें 15 बड़े हाथी और 5 हाथी के बच्चे शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि यह झुंड दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी से भोजन और पानी की तलाश में निकला था जो गुंडा जंगल में डेरा डाला हुआ है। भीषण गर्मी के बावजूद हाथी झुंड इनदिनों गुंडा बिहार रेलवे स्टेशन के आसपास रेलवे ट्रैक पर देखा जाना जो कि चिंतनीय है। कभी भी बड़ी हादसा होने की आशंका जताया जा रहा है।

वहीं इन झुंडों में विशालकाय हाथियों की संख्या 14 एवं 5 हाथी बच्चे शामिल होने की सूचना मिली। स्थानीयों का माने तो उक्त रेलवे स्टेशन के नजदीक जंगल मे डेरा डाले हुए हाथियों को भोजन और पानी की तलाश में रेलवे ट्रैक के सामने आना पड़ता हे तथा बार बार पार रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता हे।

रेलवे ट्रैक पर दिखी हाथियों की आवाजाही की डरावना दृश्य

हाथियों की झुंड वाली डरावना दृश्य यह दक्षिण पूर्वी रेलवे के आद्रा प्रमंडल ओर मुरी डिविजन के बीच रेलवे ट्रैक के ऊपर हाथी की झुंड आवाजाही करने के कारण गजराज आपने जान भी गवा चुके है ।‌ हाथियों का झुंड रेलवे ट्रैक पर आवाजाही करता देखकर कभी रेलवे हादसा होने की आशंका जताया गया है ।

हाथी की झुंड गर्मी पड़ते ही पश्चिम बंगाल पुरुलिया जिला अंतर्गत अयोध्या पहाड़ धनुडीह होते हुए सरायकेला-खरसवाँ जिला में प्रवेश कर जाते हे। जहां पानी ओर भोजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होता हैं। आज दलमा गज परियोजना से भोजन ओर पानी की तलाश में भटककर पहुंच रहा हे।

बता दें कि इस क्षेत्र में हमेशा कहीं न कहीं हाथी की झुंड विचरण करते हे। मालूम हो कि गुंडा बिहार स्टेशन के आसपास रेलवे ट्रैक में कई हाथीयों की जाने जा चुका हे। जहां एलिफेंट कॉरिडोर की बेहद आवश्यक है। कॉरिडोर बन जाने के बाद यह घटना कम हो जाएगा । सरकार ओर वन एवं पर्यावरण विभाग की अनदेखी के कारण यह घटना घट रही हे।

चांडिल वन क्षेत्र के पदाधिकारी ने बताया रात्रि ओर सुबह यह हाथियों के झुंड पानी ओर भोजन के लिए जंगल छोड़कर चांडिल डैम पहुंचते है और वापस उसी तरह लौटते है। इधर बताया गया कि रेलवे एवं वन विभाग की इसपर पैनी नजर है ताकि हाथियों को या हाथियों द्वारा किसी को कोई नुकसान पहुँचान सके।

About Author