अहमदाबाद इंटरनेशनल पैरा तीरंदाजी प्रतियोगिता: सरायकेला-खरसावां के खिलाड़ियों का दिखेगा दम, सितंबर में होगा आयोजन

गुजरात के अहमदाबाद में सितंबर महीने में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी चैंपियनशिप को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में सरायकेला-खरसावां के विशेष रूप से सक्षम (पैरा) तीरंदाज भी अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाएंगे, जिससे जिले और राज्य का मान बढ़ेगा.
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले ने खेल की दुनिया में, विशेषकर तीरंदाजी (Archery) में हमेशा से अपना एक अलग मुकाम बनाए रखा है। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए आगामी सितंबर महीने में गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित होने वाली ‘इंटरनेशनल पैरा आर्चेरी चैंपियनशिप’ के लिए जिले के पैरा खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। इस वैश्विक मंच पर बेहतर प्रदर्शन करने के उद्देश्य से खिलाड़ी अभी से मैदान में पसीना बहा रहे हैं। स्थानीय खेल प्रेमियों को पूरी उम्मीद है कि हर बार की तरह इस बार भी यहां के तीरंदाज पदक जीतकर झारखंड का नाम रोशन करेंगे।
चयन प्रक्रिया और अभ्यास शिविर
चैंपियनशिप में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया और उनके विशेष प्रशिक्षण शिविर (Training Camp) पर काफी ध्यान दिया जा रहा है। खेल संघ और स्थानीय कोचों की देखरेख में खिलाड़ियों की बारीकियों को सुधारा जा रहा है ताकि वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा और वहां के दबाव का सामना मजबूती से कर सकें। सरायकेला में मौजूद तीरंदाजी अकादमियों के सहयोग से खिलाड़ियों को अत्याधुनिक संसाधन और सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
खेल संघ और प्रशासन का सहयोग
इस दौरे और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिले के प्रतिनिधित्व को लेकर स्थानीय खेल पदाधिकारियों का कहना है कि पैरा-तीरंदाजों को हर संभव तकनीकी और मानसिक सहयोग दिया जा रहा है। प्रशासन और खेल प्रेमियों का मानना है कि शारीरिक चुनौतियों को मात देकर मैदान पर उतरने वाले इन विशेष खिलाड़ियों के पास असीम क्षमताएं हैं। सितंबर में होने वाले इस बड़े आयोजन को लेकर खेल विभाग भी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने में जुटा है ताकि खिलाड़ियों को यात्रा या लॉजिस्टिक्स से जुड़ी किसी समस्या का सामना न करना पड़े।
खिलाड़ियों में पदक जीतने का भरोसा
अहमदाबाद रवाना होने की तैयारियों में जुटे स्थानीय पैरा-तीरंदाजों का कहना है कि उनका एकमात्र लक्ष्य देश और अपने राज्य के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। कड़े अभ्यास सत्र के बाद खिलाड़ियों के आत्मविश्वास में भारी बढ़ोतरी हुई है। अतीत में भी सरायकेला-खरसावां के कई तीरंदाजों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है, और यही अनुभव उन्हें सितंबर में होने वाली इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी मानसिक रूप से बढ़त दिलाएगा।


