Chandil : चाण्डिल डैम विस्थापितों के हित में विस्थापित नेताओं मिलकर करेंगे वृहद आंदोलन : राकेश महतो

बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa)
SERAIKELLA : सरायकेला-खरसवाँ जिला अंतर्गत चाण्डिल डैम नौका विहार में विस्थापित अधिकार मंच एवं विस्थापित मुक्ति वाहिनी शुक्रवार को संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। जहाँ पत्रकारों की संबोधित करते हुए विस्थापित अधिकार मंच के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो ने कहा की विस्थापितों को न्याय दिलाने हेतु उनसे जुड़े समस्याओं को लगातार मंत्री, विधायक, संवंधित विभाग व पदाधिकारी के समक्ष रखते आ रहे हैं। इसके बावजूद विस्थापितों के अधिकारों को छिनने की मंशा से तरह तरह नीति बनाकर विभाग गैर कानूनी तरीके से निविदा निकालने में लगें हुए है।
बताया गया की झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा एक एकरारनामा जेटीडीसी द्वारा प्रथम पक्ष एडवेंचर ट्रेवल्स अकादमी के मालिक गिरिडीह के रहने वाले गुरप्रीत सिंह के साथ किया गया है जिसमे सरदीप कुमार नायक को द्वितीय पक्ष बनाया गया है। जो पुनरीक्षित पुनर्वास नीति 2012 का घोर उल्लंघन है ।
इधर श्री महतो ने बताया कि पुनरीक्षित पुनर्वास नीति 2012 के कंडिका 8.2 (ग),(घ) में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जलाशय क्षेत्र के मत्स्य उद्योग एवं पर्यटन उद्योग संबंधी संभावनाओं के दोहन में विस्थापितों को संबंध किया जाएगा ,फिर भी एक गैर विस्थापित जो गिरिडीह जिले के निवासी होते हुए भी उनसे एकरारनामा किया जाना यानी विस्थापितों को उनके अधिकार से बेदखल करने का ही यह सोची समझी साजिश है। जिसका विरोध प्रकट किया।
उन्होंने यह भी बताया कि चाण्डिल डैम से प्रभावित 84 मौजा 116 गांव में लगभग 50 के आसपास समितियां हैं। इनमें से किसी भी समिति के साथ एकरारनामा करें तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी जबकि किसी गैर विस्थापित बाहरी व्यक्ति के साथ ऐसा करने पर वेलोग कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।।
इस दौरान विमुवा नेता नारायण गोप ने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा विस्थापित अहित में निकाली गई निविदा को रद्द कराने तथा विस्थापितों को उनके अधिकार दिलाने समेत तमाम विस्थापित हित की मुद्दों पर 9 जून को घोषित आंदोलन को सफल बनाने के लिए चांडिल डैम के विस्थापित गांवों में जा जाकर जनसंपर्क अभियान चलाकर विस्थापितों को एकजुट करने का काम करेंगे।
इस दौरान विस्थापित नेता राकेश रंजन ने बताया की पुनरीक्षित पुनर्वास नीति 2012 को 31 मार्च 2027 तक अवधि विस्तार के साथ जल संसाधन विभाग अंतर्गत क्षेत्रीय कार्यालयों के लिपिक पद में सीधी नियुक्ति के लिए बनाए गए नियमावली में भी कई त्रुटियाँ है। साथ ही उन्होंने बताया कि जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन द्वारा 23 जनवरी 2025 को विवादित RL के बाध्यता को समाप्त कर 116 गांव का विकास कार्य शुरू करने की घोषणा करने के बावजूद 5 महीना बीतने जा रही है लेकिन इसे लागू नहीं किया गया है।
पुनर्वास स्थल से संबंधित कार्य एवं बसाने के लिए भूखंड आवंटन का अध्यक्ष अभी तक चयन नहीं किया गया है एवं कई वर्षों से चाण्डिल पुनर्वास कार्यालय में ही कर्मचारि जमे हुए है लेकिन उनके स्थानांतरण पर विभाग चुप्पी साधे हुए है।
विस्थापितों से जुड़े इन सभी समस्याओं की त्वरित समाधान हेतु 25 जून 2025 को चांडिल डैम विस्थापित क्षेत्र के सभी समिति तथा संगठनों के साथ डैम आइवी में एक बैठक रखने का निर्णय लिया गया जहाँ विस्थापित बिद्धिजीवियों के उपस्थिति में यह घोषणा किया जाएगा की चांडिल डैम कार्यालय का अनिश्चितकालीन गेट जाम, पेसा कानून के तहत डूबी क्षेत्र की गांव में प्रशासन, विधायक, सांसद आदि का प्रवेश वर्जित तथा चाण्डिल से राजभवन तक मसाल जुलूस, विधानसभा घेराव, राजभवन में धरना तथा दिल्ली जंतर मंतर में भी धरना प्रदर्शन किया जाएगा। मौके पर विमुवा के श्यामल मार्डी समेत संगठनों के कई सक्रिय सदस्य मौजूद थे।
