चतरा: पूर्वी नहर मरम्मत काम में अनियमितता, ग्रामीणों में आक्रोश

चतरा: झारखंड के चतरा जिले अंतर्गत वशिष्ठ नगर थाना क्षेत्र से एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। यहाँ गोलाई नदी के झगरतरी से लेकर उरैली तक करीब 11 किलोमीटर लंबी पूर्वी नहर के पुनरुद्धार (जीर्णोद्धार) कार्य में व्यापक पैमाने पर अनियमितता बरतने के आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि संबंधित ठेकेदार (संवेदक) ने करीब बीस साल पहले पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा निर्मित कराए गए दो महत्वपूर्ण कुओं (कूप) को पूरी तरह से मिट्टी और मलबे से भरकर जमींदोज कर दिया है।
ग्रामीणों ने मुखिया से की शिकायत
ठेकेदार की इस मनमानी और सरकारी संपत्ति को नष्ट करने की कार्रवाई के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस समस्या को लेकर क्षेत्र के निवासियों ने ग्राम पंचायत के मुखिया नरेश प्रसाद यादव से लिखित व मौखिक शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों की इस आपत्ति पर संज्ञान लेते हुए मुखिया ने खुद प्रभावित स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के बाद मुखिया ने संवेदक द्वारा कुओं को इस तरह बंद किए जाने की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और जनविरोधी बताया। उन्होंने जिला उपायुक्त (डीसी) से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और नहर जीर्णोद्धार में हो रही धांधली व कुओं को नष्ट करने के आरोपी संवेदक के खिलाफ सख्त कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
जलपथ अंचल से कराया जा रहा कार्य
नहर के जीर्णोद्धार और मरम्मत से जुड़ा यह कार्य जलपथ अंचल के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जिसका मुख्य कार्यालय हजारीबाग में स्थित है। इस गड़बड़ी के संबंध में जब विभागीय अधिकारियों का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो विभाग के कार्यपालक अभियंता और कार्यस्थल के प्रभारी कनीय अभियंता (साइट इंचार्ज) के आधिकारिक मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं हो सके। वहीं, दूसरी ओर इस विषय पर अपना पक्ष रखने के लिए जब संबंधित संवेदक से भी फोन पर संपर्क साधने की कोशिश की गई, तो उनसे भी संपर्क स्थापित नहीं हो पाया।


