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November 3, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

1 से 3 मई तक रांची में सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला, जुटेंगे कलाकार

रांची में सांस्कृतिक महोत्सव और स्वदेशी मेला का आगाज, स्थानीय कला-संस्कृति की धूम

झारखंड की राजधानी रांची में स्वदेशी उत्पादों और सांस्कृतिक धरोहरों को बढ़ावा देने के लिए भव्य ‘सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला’ की शुरुआत हो गई है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को एक मंच प्रदान करना और लोगों को स्वदेशी वस्तुओं के प्रति जागरूक करना है। मेले के पहले ही दिन भारी संख्या में लोग पहुंचे, जिससे आयोजन स्थल पर काफी चहल-पहल देखी गई।

झारखंडी लोक कला और नृत्य ने मोहा मन

महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक मंच पर झारखंड की समृद्ध परंपराओं की झलक देखने को मिली। स्थानीय कलाकारों ने पाईका, छऊ और नागपुरी लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुति दी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। आयोजन समिति ने बताया कि पूरे मेले के दौरान प्रतिदिन शाम को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों और लोक कलाओं से जुड़ सके।

स्वदेशी उत्पादों के प्रति बढ़ता आकर्षण

मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों पर हस्तशिल्प, खादी के कपड़े, मिट्टी के बर्तन और जैविक खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी लगाई गई है। लोग न केवल इन उत्पादों को देख रहे हैं, बल्कि बड़े पैमाने पर खरीदारी भी कर रहे हैं। कारीगरों का कहना है कि इस तरह के आयोजनों से उन्हें सीधा बाजार मिलता है और उनके हुनर को नई पहचान मिलती है। ‘वोकल फॉर लोकल’ का असर यहाँ साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।

परंपरा और आधुनिकता का संगम

मेले में खान-पान के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं, जहाँ लोग पारंपरिक झारखंडी व्यंजनों का स्वाद चख रहे हैं। बच्चों के लिए झूलों और मनोरंजन के अन्य साधनों की व्यवस्था की गई है, जिससे यह एक पूर्ण पारिवारिक भ्रमण स्थल बन गया है। आयोजकों का मानना है कि स्वदेशी मेला केवल व्यापार का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखने का एक सशक्त प्रयास है।

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