Categories

Recent Posts

October 28, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

स्वास्थ्य संस्थानों में सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने एवं पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का उपायुक्त ने दिए निर्देश

सरायकेला-खरसावां, 24अगस्त2026, सोमवार(भाग्य सागर):

समाहरणालय सभागार में उपायुक्त, नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों एवं स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. पी.एम. बारा, सभी एमओआईसी, डीपीएमयू, बीपीएमयू एवं संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सर्वप्रथम विगत बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा के साथ स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति, दवा एवं उपकरणों की उपलब्धता, आधारभूत सुविधाओं तथा विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कहा जिले के प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में आम जनों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। सभी चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मी संवेदनशीलता, तत्परता एवं जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
बैठक में सभी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की निर्धारित रोस्टर के अनुसार उपस्थिति की समीक्षा की गई।उपायुक्त ने चिकित्सा पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्धारित समय-सारणी के अनुसार स्वास्थ्य केंद्रों में उपस्थित रहने तथा नियमित रूप से बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन का भुगतान बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति की नियमित निगरानी एवं अनुश्रवण सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि आमजनों को स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से उपलब्ध होती रहें।

सभी एमओआईसी को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य रख-रखाव मद से प्राप्त आवंटन का नियमानुसार एवं आवश्यकता आधारित उपयोग सुनिश्चित करने, स्वास्थ्य केंद्रों के सुदृढ़ीकरण, आवश्यक दवाओं, उपकरणों, स्वच्छता, रंग-रोगन तथा मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाओं के संबंध में आवश्यकता के अनुरूप प्रस्ताव एवं कार्ययोजना तैयार कर राशि का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। खरीदारी में सामग्री की वास्तविक आवश्यकता एवं उपयोगिता का विशेष ध्यान रखने तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक खरीदारी अथवा सामग्री की डुप्लीकेसी नहीं होने देने के निर्देश दिए गए।स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सामग्रियों एवं उपकरणों का स्टॉक रजिस्टर नियमित रूप से अद्यतन रखने तथा दवाओं के स्टॉक का नियमित भौतिक मिलान करने का निर्देश दिया गया। एक्सपायरी डेट के निकट पहुंच रही दवाओं की समयबद्ध समीक्षा करते हुए आवश्यकता वाले निकटवर्ती स्वास्थ्य संस्थान अथवा सदर अस्पताल में नियमानुसार हस्तांतरण सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि दवाओं का समुचित उपयोग हो सके।
स्वास्थ्य संस्थानों की आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा के क्रम में आवश्यकता अनुसार स्वास्थ्य केंद्रों में रंग-रोगन, मरीजों के बैठने हेतु पर्याप्त कुर्सी एवं बेंच, आवश्यक बेड, प्रत्येक कक्ष की स्पष्ट संख्या एवं साइनेज बोर्ड लगाने, स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं एवं संबंधित कक्षों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्रदर्शित करने वाले स्पष्ट सूचना/साइनेज बोर्ड लगाने, सभी केंद्रों में पर्याप्त लाइट, पंखा, अन्य आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति हेतु सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यकता अनुरूप जनरेटर, सोलर लाइट, इन्वर्टर सहित वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था उपलब्ध कराने,
एमओआईसी एवं संबंधित नोडल पदाधिकारियों को केंद्रवार आवश्यकताओं का आकलन कर खरीद एवं व्यय की कार्ययोजना तैयार करने तथा उपलब्ध संसाधनों का उपयोगिता आधारित एवं समुचित उपयोग सुनिश्चित करने सहित अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
आयुष्मान योजना के
अंतर्गत लंबित क्लेम मामलों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने आयुष्मान मित्रों को संबंधित मामलों का नियमित अनुश्रवण करते हुए लंबित क्लेम के समयबद्ध निष्पादन हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। टेलीमेडिसिन सेवाओं को प्रभावी बनाते हुए दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया।
संस्थागत प्रसव, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा संबंधित स्वास्थ्य संकेतकों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा प्रसव पूर्व एवं प्रसवोत्तर देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जिले के संवेदनशील एवं पीवीटीजी बहुल क्षेत्रों में नियमित मास सर्वे संचालित कर संभावित एवं चिन्हित मरीजों की समय पर पहचान, जांच एवं निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप उपचार सुनिश्चित करने, प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक नियंत्रणात्मक उपाय, कीटनाशक छिड़काव एवं मच्छरजनित रोगों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने, आईईसी गतिविधियों के माध्यम से मलेरिया के लक्षण, बचाव, समय पर जांच एवं उपचार, मच्छरदानी के उपयोग, स्वच्छता एवं जलजमाव की रोकथाम के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में टीबी मुक्त पंचायत अभियान की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने नियमित जांच, जागरूकता शिविर, संदिग्ध मरीजों की पहचान, सैंपल संग्रह, समय पर जांच एवं उपचार तथा आवश्यक फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गम्हरिया, कुचाई, चांडिल एवं खरसावां प्रखंड के टीबी प्रभावित गांवों एवं टोलों में विशेष रूप से शिविर आयोजित कर सैंपल कलेक्शन एवं जांच की गति बढ़ाने को कहा गया।

मलेरिया, सिकल सेल एनीमिया, थैलेसीमिया सहित अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जांचों को नियमित संचालित करने तथा चिन्हित मरीजों को समय पर आवश्यक उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराने, डायरिया से बचाव एवं नियंत्रण के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा लोगों को इसके लक्षण, बचाव, स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता के महत्व के संबंध में जागरूक करने को कहा गया।

कुपोषित बच्चों के उपचार एवं प्रबंधन की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने एमटीसी सेंटरों में बेड ऑक्युपेंसी बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को योजनाओं के निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने, उपलब्ध संसाधनों का पारदर्शी एवं उपयोगिता आधारित सदुपयोग करने तथा नियमित समीक्षा एवं अनुश्रवण के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

About Author

Leave a Reply