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November 5, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

आदित्यपुर के दिन्दली बस्ती में चड़क पूजा का भव्य आयोजन, सन 1818 से पारंपरिक तरीके से हो रही है चड़क पूजा

दिन्दली बस्ती, आदित्यपुर में दो दिवसीय चड़क पूजा के मौके पर आज रजनी फोड़ा का कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान ढ़ाई दर्जन से ज्यादा श्रद्धालुओं द्वारा अपने शरीर पर रोजनी फोड़ा कराया गया. दिन्दली शिव पूजा कमिटी के नेतृत्व में चड़क पूजा को लेकर बस्ती में उत्साह का माहौल दिखाई दे रहा था और बस्ती के सभी रास्ते में शिव मन्दिर की ओर मुड़ गये प्रतीत हो रहे थे. क्योंकि बस्ती के सभी रास्ते में आम लोगों की चहलकदमी दिखाई पड़ रही थी. कोई पूजा-अर्चना करने के लिए मन्दिर की ओर बढ़ा जा रहा था, तो कोई मन्नत पूरी होने के बाद बलि चढ़ाने के इरादे से उस ओर बढ़े जा रहे थे. इस दौरान रोजनी फोड़ा कराने वालों की टोली अपने अलग अंदाज एवं धुन में नाचते-गाते हुए गंतव्य के लिए बढ़ी जा रही थी. और अलग-अलग स्थानों पर स्थानीय लोग अपनी-अपनी क्षमता के अनुरुप टोली में शामिल लोगों का आगवानी कर रहे थे.

स्थानीय निवासियों के अनुसार, प्राचीन समय से चली आ रही चड़क पूजा के दौरान स्थानीय लोग भगवान से मन्नत मांगते हैं. और फिर मन्नत पूरी होने की खुशी में भगवान को प्रसन्न करने के उद्देश्य से वहां बलि चढ़ाते हैं. आज भगवान को प्रसन्न करने के लिये कुल 50 लोगों ने वहां बलि चढ़ाई. गौरतलब है कि यहाँ वर्ष-1818 से प्रतिवर्ष पारंपरिक तरीके से चड़क पूजा समारोह आहूत किया जाता है तथा इस वर्ष पूजा का 206वाँ वर्ष है. इस मौके पर कमिटी के अध्यक्ष लालटू महतो, संरक्षक प्रदीप महतो उर्फ छबी महतो, उपाध्यक्ष रितेन महतो, मनोज मंडल उर्फ बस्ता, गुरजीत सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे.

चड़क पूजा के मौके पर जुटी भीड़ चड़क पूजा के दौरान बस्तीवासियों के अतिरिक्त बाहरी लोगों को भी काफी संख्या में सक्रिय देखा गया, जो कि वहां पूजा-अर्चना करने एवं मेला का आनन्द लेने के लिए आये हुए थे. प्रातः समय से शुरु हुआ यह क्रम देर शाम तक जारी रहा. इस दौरान वहां काफी संख्या में लोगों की भीड़ दिखाई पड़ रही थी. वहीं, आज देर शाम अजीत कुमार और वृंदावन कुमार की टीमों के द्वारा पुरुलिया शैली में छऊ नृत्य का कार्यक्रम भी हुआ. जबकि कल सरायकेला शैली में छऊ नृत्य हुआ था।

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