जमशेदपुर: पारंपरिक तमिल विवाह गीतों के बीच संपन्न हुआ ‘सीताराम कल्याणम’ महोत्सव

रामपादुका आश्रम, कदमा जमशेदपुर के कदमा स्थित श्री रामपादुका आश्रम में रविवार को एक विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। यहाँ प्रभु श्री राम और माता जानकी का ‘कल्याणम महोत्सव’ (विवाह उत्सव) पूरे भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। इस उत्सव की खास बात यह रही कि महिला श्रद्धालुओं ने तमिल भाषा में पारंपरिक विवाह गीतों का गायन किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
शादी की रस्मों के दौरान उपस्थित भक्त दो समूहों में बंट गए—एक पक्ष भगवान राम (वर पक्ष) का बना और दूसरा माता सीता (वधू पक्ष) का। विवाह की सभी रस्में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निभाई गईं। वर पक्ष की ओर से माता सीता के लिए वस्त्र और मंगलसूत्र भेंट किए गए, जबकि वधू पक्ष ने भगवान राम को धोती और पुष्पमालाएं अर्पित कीं। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माता सीता और भगवान राम ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और मंगलसूत्र की रस्म के साथ यह दिव्य विवाह उत्सव संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन आचार्य भक्त सभा द्वारा किया गया, जहाँ अंत में पुरोहितों ने भक्तों को आशीर्वाद दिया।
हनुमान जी को अर्पित की गई 108 ‘वड़े’ की माला
मुख्य उत्सव से पहले, सुबह 8:30 बजे से ही भजनों का सिलसिला शुरू हो गया था। सीताराम कल्याणम के पश्चात संकटमोचन हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान हनुमान जी की पंचधातु की प्रतिमा को 108 ‘वड़े’ (दक्षिण भारतीय व्यंजन) से बनी माला पहनाई गई।
अनुष्ठान के समापन पर महाप्रसाद का वितरण हुआ, जिसमें लगभग 150 श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस पूरे धार्मिक कार्यक्रम का सफल संचालन मंदिर समिति के अध्यक्ष वी नटराजन के मार्गदर्शन में हुआ। आयोजन को सफल बनाने में एस दंडपाणि, जे सुरेश, एस रमेश, गीता नटराजन, चारुमती दंडपाणि और गीता रामन सहित समिति के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

