झारखंड में बैंकों पर लगा ताला: मांगों को लेकर 35 हजार बैंककर्मी हड़ताल पर, लगातार 3 दिन बंद रहेगी बैंकिंग सेवा

अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को पूरे झारखंड में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने कार्य बहिष्कार कर हड़ताल शुरू कर दी है। इस राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन के तहत राज्यभर के बैंक परिसरों और क्षेत्रीय कार्यालयों के बाहर बैंककर्मी एकजुट होकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। कई स्थानों पर कार्यालयों के मुख्य द्वार के समीप अस्थायी तंबू गाड़कर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में महिला कर्मी भी सक्रिय रूप से हिस्सा ले रही हैं।
कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन में शामिल हुए कर्मचारी
मेदिनीनगर क्षेत्र में स्थिति काफी गंभीर देखी गई, जहां महेंद्रा आर्केड स्थित बैंक ऑफ इंडिया, कचहरी चौक स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI), मुख्य बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया समेत कई प्रमुख सार्वजनिक बैंकों के कर्मचारी कामकाज ठप कर दफ्तरों के बाहर धरने पर बैठ गए। कर्मचारी अपनी प्रमुख मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं। शुक्रवार को इस हड़ताल के तुरंत बाद शनिवार (माह का दूसरा शनिवार) और रविवार का साप्ताहिक अवकाश होने के कारण राज्य में लगातार तीन दिनों तक आम बैंकिंग लेनदेन और वित्तीय सेवाएं पूरी तरह बाधित रहेंगी।
30 से 35 हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल
यूनियन प्रतिनिधियों के अनुसार, इस आंदोलन में राज्य के सरकारी बैंकों में कार्यरत करीब 30 से 35 हजार अधिकारी व कर्मचारी सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। उल्लेखनीय है कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के साथ प्रबंधन की वार्ता विफल होने के बाद 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया था। बैंक अधिकारियों ने चेताया है कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जा सकता है।


