JPSC परीक्षा घोटाला: रेंजर परीक्षा की OMR शीट में भी हेराफेरी का खुलासा, पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते से फिर होगी पूछताछ

JPSC रेंजर परीक्षा में भी OMR से छेड़छाड़, IRB जवान का नाम आया सामने
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित रेंजर (फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर) परीक्षा में भी OMR उत्तर पत्रकों के साथ व्यापक फेरबदल का मामला सामने आया है। इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही सीआईडी (CID) टीम के अनुसार, रेंजर के कुल 170 पदों में से लगभग 17 सीटों पर फर्जीवाड़े की आशंका जताई जा रही है। इस हेराफेरी में आईआरबी (IRB) के एक जवान की संलिप्तता की बात सामने आ रही है, जिसके संबंध वन विभाग के कई कार्यरत वनरक्षियों से बताए जा रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, परीक्षा आयोजित करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के एक और डायरेक्टर सत्यपाल सिंह की भूमिका उजागर हुई है। सीआईडी की टीम ने जब उसके लखनऊ स्थित पते पर दबिश दी, तब वह फरार मिला। आरोपी की गिरफ्तारी हेतु सीआईडी कोर्ट में गिरफ्तारी वारंट के लिए अर्जी दाखिल करने जा रही है। उल्लेखित एजेंसी के एक अन्य निदेशक रामबीर सिंह को जांच एजेंसी पहले ही हिरासत में ले चुकी है।
सौरभ से पूछताछ में गिरोह की मिली जानकारी
झारखंड सिविल सेवा (JPSC PT) परीक्षा 2025 में अभ्यर्थियों को अनुचित तरीके से सफलता दिलाने में एक बड़े रैकेट के सक्रिय होने के साक्ष्य मिले हैं। गिरफ्तार अभ्यर्थी सुमन सौरभ से की गई सघन पूछताछ में सीआईडी को इस नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिनका वर्तमान में सत्यापन किया जा रहा है। जांच के दौरान अभ्यर्थी सुमन के पास से OMR शीट की कार्बन कॉपी भी बरामद नहीं हुई थी, जिससे मामले में फर्जीवाड़े का संदेह और गहरा हो गया है।
सीआईडी ने आज फिर एल खियांग्ते को बुलाया
मामले की तह तक पहुंचने के लिए सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को पुन: समन जारी कर 3 अगस्त को सीआईडी मुख्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा है। वहीं दूसरी ओर, परीक्षा की उप-नियंत्रक श्वेता गुप्ता, एजेंसी निदेशक रामबीर सिंह और जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) मनोज तिवारी उर्फ अभय तिवारी को दोबारा पुलिस रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए सीआईडी की ओर से अदालत में औपचारिक याचिका दायर की जा रही है।
