ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र : आदिम जनजाति के गाँव को सड़क अब तक नसीब नहीं, गर्भवती महिलाओं को गाँव से चारपाई के सहारे अस्पताल लाने को ग्रामीण है विवश….


बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055(wa)
Seraikella : झारखण्ड राज्य के अलग हुए 24 साल बीत जाने के बावजूद आज भी कोई गाँव को विकास से कोषों दूर रखा जाना राज्य के लिए यह बहुत ही दुर्भाग्य का विषय है। मालूम हो कि ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में चाण्डिल प्रखण्ड की पश्चिम परिषद क्षेत्र की मातकमडीह पंचायत अंतर्गत सुदूरवर्ती गाँव रायडीह की टोला गुंगुकोचा की ग्रामीणों को अब तक सड़क नसीब नहीं हुआ ।

कोई भी आपातकालीन स्थिति में ग्रामीण अपनी गाँव से करीब दो किलोमीटर पैदल चलने के बाद ही कोई वाहन की सुविधा ले सकेगा । आश्चर्य तो इस बात से होती है कि उक्त गाँव मे आदिम जनजाति के लोग सपरिवार वर्षों से बसवास करते आ रहे हैं फिर भी ग्रामीणों को सड़क की सुविधा नहीं मिला जबकि सरकार द्वारा आदिम जनजाति के नाम से कई योजनाएं चला रही है।

वहीं बता दें कि बुधवार को एक गर्भवती महिला की अचानक जोर प्रसव पीड़ा होने लगा तो सहिया उसे अस्पताल साथ ले जाने के लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में चारपाई के सहारे गर्भवती महिला को गाँव से करीब दो किलोमीटर पैदल चलने के बाद एम्बुलेंस से अस्पताल लेकर गई । इधर क्षेत्र की समाजसेवी उमाशंकर महतो का कहना है यह समस्या आज कोई नया नहीं है बल्कि इससे पहले भी ऐसी कई बार आपातकाल स्थिति में उसका सहयोग से गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाया था, उन्होंने अफसोस जताया कि आदिम जनजाति का उक्त सुदूर गाँव को स्थानीय विधायक ने आजतक सड़क सुविधा नहीं दे पाया ।

🖕25 अगस्त को एक गर्भवती महिला को चारपाई के सहारे अस्पताल में ले जाने के दौरान ग्रामीणों संग समाजसेवी उमाशंकर महतो ।
