Seraikella : चांडिल–कांड्रा मुख्य मार्ग की जर्जर हालत पर फूटा जनाक्रोश, सात दिन में मरम्मत नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी…..

बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055(wa)
सरायकेला (30/03/2026, सोमबार) : सरायकेला–खरसवाँ जिले के चांडिल–कांड्रा मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सोमवार को ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से पथ निर्माण विभाग, सरायकेला तथा उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर सड़क की अविलंब मरम्मत की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि चांडिल–कांड्रा मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। सड़क इतनी जर्जर हो गई है कि लोगों का घर से निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे आमजन भय के साये में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया कि इस सड़क की खराब स्थिति को लेकर पूर्व में आंदोलन किया गया था, जिसके बाद स्थानीय विधायक द्वारा गत 2 दिसंबर 2025 को सड़क मरम्मत कार्य का शिलान्यास किया गया था और चार माह के भीतर कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया था। किंतु चार माह बीत जाने के बाद भी मरम्मत कार्य शुरू तक नहीं हुआ, उलटे सड़क की स्थिति और अधिक भयावह हो गई है।
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अविलंब सड़क मरम्मत कार्य पूर्ण कराया जाए। साथ ही, मरम्मत कार्य पूर्ण होने तक धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने हेतु प्रतिदिन कम से कम तीन बार पानी का छिड़काव किया जाए तथा भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई जाए। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में 40 किमी प्रति घंटा की गति सीमा निर्धारित करने, चैनपुर स्थित मुख्य नहर पुल पर सुरक्षा रेलिंग लगाने एवं पैदल यात्रियों व स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए फुटपाथ निर्माण की भी मांग की गई है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित विभागीय अधिकारियों की होगी।
इस दौरान रुदिया पंचायत के मुखिया ज्योतिलाल महली की उपस्थिति में आशुदेव महतो के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। मौके पर विस्थापित आंदोलनकारी, राजेश राकेश रंजन महतो, कृष्ण चंद्र महतो, भुजंग मछुआ, बोकेश्वर महतो, धनपति गोप सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।


