Categories

November 5, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

खरसावां व कुचाई के विभिन्न गांव में किया मां मंगला की पूजा जगह जगह पर दी गई बकरा और मुर्गा की बलि

खरसावां प्रखंड के देहरूडीह गांव में जय मॉ मंगला पूजा-समिति के द्वारा में भी विधि-विधान से मां मंगला की पूजा-अर्चना की गई। साथ सुख शांति और समृद्वि की कामना की। पूजा के पूर्व महिलाओं ने निर्जला उपवास रखकर खरसावां के माड़वाडी तलाब में पूजा-अर्चना कर कलश में जल भरकर पारंपरिक गाजे-बाजे के साथ मां मंगला की घट यात्रा (कलश यात्रा) निकली गई। इस दौरान विभिन्न मांगों पर श्रद्वालुओं ने जगह-जगह रोककर पूजा-अर्चना की गई। और मां मंगला का आर्शिवाद लिया।

घट यात्रा लेकर देहरूडीह पूजा-स्थल पहुची और कलश की स्थापना कर पुजारी ने विशेष मंत्रोच्चारण के साथ पूजा शुरू कर दिया। पूजा-अर्चना के लिए खरसावां के तलसाई,पदमपुर मोलाडीह, बेहरासाई,कदमडीहा,देहरूडीह, कुम्हारसाही,दलाईकेला,कुदासिंगी, बुढितोपा,पोटोबेड़ा,आमदा कुचाई के जिलिंगदा,कुजांडीह,मंरागहातु, जोजोहातु,अरूवां सहित विभिन्न गांवों से पहुचकर महिलाओं ने मां मंगला से अपने घर की सुख शांति की कामना के लिए बकरे,मुर्गा व बतख की बली दी। गांव के पुजारी के अनुसार खरसावां के देहरूडीह गांव में 1988 से मां मंगला की पूजा-अर्चना होती आ रही है। ऐसा मान्यता है कि मां मंगला की पूजा-अर्चना के बाद ही श्रद्वालुओं के द्वारा जंगल के फल-फल का ग्रहण करते है। और मां मंगला के समक्ष मांगी हर मनोकामना पुरा होता है। इस दौरान मुख्य रूप से प्रकाश मुखी,दिनेश मुखी,रंजीत मुखी,पिनु मुखी,सुमीत शुभम,विनित मुखी, छोटु मुखी आदि उपस्थित थे।

About Author